ब्रेकिंग
CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान
छत्तीसगढ़रायपुर

सीडी कांड में बड़ा मोड़: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ फिर शुरू होगी कानूनी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2017 के चर्चित अश्लील सीडी प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी कानूनी राहत अब जाती नजर आ रही है। रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत बघेल को इस मामले से मुक्त कर दिया गया था।

विशेष सीबीआई न्यायालय ने 24 जनवरी 2026 को दिए अपने फैसले में कहा कि वर्ष 2024 में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दिया गया डिस्चार्ज आदेश विधि सम्मत नहीं था। अदालत के इस निर्णय के बाद अब भूपेश बघेल समेत मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ फिर से मुकदमे की कार्यवाही शुरू होगी।

इस प्रकरण में अन्य आरोपितों—कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया—द्वारा दायर याचिकाओं को भी अदालत ने खारिज कर दिया है। इससे साफ हो गया है कि सभी आरोपियों को अब ट्रायल का सामना करना पड़ेगा।

मामला अक्टूबर 2017 का है, जब तत्कालीन भाजपा सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी कथित आपत्तिजनक सीडी सामने आई थी। उस वक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल पर आरोप लगा था कि उन्होंने इस सीडी के वितरण और पूरे प्रकरण की साजिश में भूमिका निभाई। इसी मामले में वरिष्ठ पत्रकार और बघेल के तत्कालीन मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई थी, जिनके पास से बड़ी संख्या में सीडी मिलने का दावा किया गया था।

सीबीआई ने जांच के बाद भूपेश बघेल सहित कुल छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद निचली अदालत ने 2024 में बघेल को राहत दी थी, लेकिन अब उच्च न्यायालय के आदेश से यह राहत समाप्त हो गई है।

अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सक्रिय हो गया है। आगामी सुनवाइयों में सभी आरोपियों की कानूनी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, इस निर्णय का असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी भी प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button